तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण : Periodic Classification of Elements.

TATVON KA AWARI VARGIKARAN

बहुत से तत्वों के अविष्कार के बाद उसका अध्ययन धातु और अधातु के वर्गीकृत किया गया परन्तु कुछ तत्व ऐसे पाए गए जिसका गुण धातु और अधातु से मिलता था।

तत्वों के वर्गीकरण के लिए किये गए प्रयास :

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(1) डोबेरिनर का त्रिक : Dobereiner’s Traiads

डोबेरीनर ने सामान गुण वाले तीन – तीन तत्वों के समूह पेश किए और कहा की मध्य वाले तत्व का परमाणु भार दोनों ओर के तत्वों के परमाणु भार का औसत होता है।

जैसे,  (1) Li7, Na23, K39
         (2) Cl35.5,  Br80,  I127

(1) Na का परमाणु भार 7 + 39 / 2 = 23
(2) Br का परमाणु भार = 127 +35.5 /2 = 81.25 
                                                  

 (2) ड्यूमा : Duma (1853 ई०)

सामान गुण वाले तत्वों के परमाणु भार सजात श्रेणी में होते हैं। 
जैसे :
N ———– 14  ——-    A
P ———— 31 ——-  14+17 (A+B)
As ———- 75  ——-  14 + 17 + 44 (A+B+C)
Sb ——— 119  ——-  14 + 17 + 88 (A+B+2C)
Bi ———  207  ——- 14 + 17 + 176 (A+B+4C)
A= 14, B= 17, C=44

(3) द चानकोर्टावास : De Chancourtois (1864 ई०)

तत्वों का गुण संख्याओं का गुण हैं। 

(3) न्यूलैंड का अष्टक नियम : Nuland’s Law Cotaue (1864 ई०)

यदि तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में सजाया जाये तो प्रथम तत्वों का गुण आठवें से मिलता है। 
जैसे ,
                                       सा          रे          ग          म          प         ध         नि         सा 
                                       H          Li         Be         B         C         N         O          F
                                       F          Na        Mg        Al        Si         P          S          Cl
                                       Cl        K          Ca         Ti         Cr       Mn       Fe         Ni    ……………….
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(4) दोष – DOSH – Defects

  • अक्रिय गैस के खोज के बाद प्रथम तत्व का गुण नवम से मिलता है, 8 वें से नहीं। 
  • Ti को B और Al के साथ रखा गया है जिसका गुण नहीं मिलता है। 
  • C और Si के साथ Cr को रखा गया है जिसका गुण नहीं मिलता है। 
  • N और P के साथ Mn को रखा गया है जो जिसका गुण नहीं मिलता है। 
  • O और S को Fe के साथ रखा गया है जिसका गुण नहीं मिलता है।
  • F और Cl को Ni के साथ रखा गया है जिसका गुण नहीं मिलता है।

(5) लोथर मॉएर : Lother Mauer (1869 ई०)

तत्वों के गुण उसके परमाणु आयतन के आवर्त फलन होते हैं। परमाणु का आयतन =4 /3 x 3.14 x r3
   

(6 ) मेंडलीफ  : Mandleef (1869 ई०)

मेंडलीफ को आवर्त सरणी का पिता कहा जाता है। 

मेंडलीफ का आवर्त नियम – MENDLEEF KA AWART NIYAM

 तत्वों की सुग्मता पूर्वक एवं क्रमवद्ध अध्ययन के लिए परमाणु भार के आधार पर एक नियम का प्रतिपादन किया जिसे मेंडलीफ का आवर्त सारणी का नियम कहा जाता है।
इस नियम के अनुसार तत्वों के गुण उसके परमाणु भार के आवर्त फलन होते हैं। दूसरे शब्दों में ” यदि तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में सजाया जाए तो एक निश्चित अंतराल के बाद सामान गन वाले तत्व आतें हैं। 
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मेंडलीफ के आवर्त सारणी के मुख्य बातें – MENDLEEF KE AWART SARNI KE MUKHYA BAATEN

  • यह आवर्त सरणी परमाणु भर पर आधारित है। 
  • इसमें सात आवर्त हैं। 
  • प्रथम आवर्त सबसे छोटा आवर्त तथा खष्ठं आवर्त सबसे लम्बा होता है। 
  • आवर्त में तत्वों के गुणों में क्रमिक परिवर्तन होता है। 
  • इसमें नौ समूह हैं। 
  • समूह में तत्वों के गन में समानता पायी जाती है। 
  • इसमें समूह और उपसमूह को अलग – अलग नहीं किया गया है।
  • समूह (viii) ‘O’ को छोड़कर सभी समूह उप समूह में विभाजित है।
  • समूह (viii) में तीन – तीन तत्वों को एक साथ रखा गया है। 
समूह (viii)
Fe     Co      Ni
Ru    Rh      Pd
Os     Ir        Pt
Lenthanide Elements  एवं   Actimide Elements को  Periodic Table (P.T.) के body से बहार रखा गया है।
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