Leonardo Da Vinci Biography In Hindi-लेओनार्दो डा विन्ची-लियोनार्डो दा विंची जीवनी हिंदी में

Leonardo Da Vinci was one of the greatest artist in the world. अगर आप इनकी जीवन को बारीकी से पढ़ने की कोशिश करेंगे तो आपको लगेगा की He was the great artist, who was passionate about science. और कभी आपको लगेगा की He was the great scientist, who was the passionate about art. वैसे इन्होने बहुत कुछ किया as an artist, as an scientist, as an inventor, as an engineer, as an architect, as somebody ho understand an anatomy. लेकिन वो जिस नाम से जाने जाते हैं, वो हम आपको बताने जा रहे हैं। वो जाने जाते हैं अपनी पेंटिंग के लिए, जिसका नाम है मोनालिसा ये वर्ल्ड-विश्व की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग है ये सिर्फ प्रसिद्ध पेंटिंग ही नहीं बल्कि सबसे मेहंगी पेंटिंग भी है पुरे विश्व भर में।

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हम आपको बता दें की पिछले साल एक रीसर्च के मुताबिक इस पेंटिंग की कीमत पाँच हजार करोड़ बताई गयी थी। इस पेंटिंग में कुछ खासियत ही ऐसी है। मोनालिसा पेंटिंग के ऊपर इस पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा रिसर्च हुई। और कुछ साल अभी एक रीसर्च में ये पता लगा था की इस पेंटिंग में कई – कई जगह ३० से भी ज्यादा लेयर्स ली गयी है। जो फेस है और हैंड के ऊपर जो ब्रश का प्रयोग किया गया है इस पेंटिंग में उसमे कई – कई जगह काफी पतला ब्रश का प्रयोग किया गया है। इतना पतला ब्रश की आप कभी सोच भी नहीं सकते की इतना पतला भी पेंटिंग ब्रश होता है क्या। जी हाँ हम आपको बता दें की जितना पतला बाल होता है उतना पतला ब्रश का प्रयोग से इस पेंटिंग को तैयार किया गया है। यानी की जो पेंटिंग में ब्रश का जो स्ट्रोक्स हैं वो भी नजर नहीं आएंगे।सायद यही वजह रही होगी की इस पेंटिंग को बनने में कई साल लगे। मोनालिसा पेंटिंग अपने आप में एक बहुत ही मिस्टीरियस है और यह मिस्ट्रीज आज तक कोई भी हल नहीं कर पाया है।

मोनालिसा पेंटिंग की पेंटिंग में एक और खाश बात है की इसमें जो ट्रांजीशन है लाइट्स से परछाई की तरफ वो बहुत ही स्मूथ है। इसमें आपको कही भी बॉउंड्रीज़ देखने को नहीं मिलेगी कोई ages नहीं मिलेंगे जो की उस समय की पेंटिंग में नॉर्मली हुआ करते थे। तो पहली बार उन्होंने एक ऐसी पेंटिंग बनाई जो की which is not a front profile बल्कि जिसमे बैकग्राउंड को बलौर किया गया था। आज जैसे की हमारे स्मार्ट फ़ोन में एक पोर्ट्रेट होता है। जैसे की आप देखेंगे की जब हम कोई फोटो खींचतें हैं तो इस स्मार्ट फ़ोन के टूल के मदद से फोटो का फोरग्राउंड पे फोकस होता है और बैकग्राउंड ब्लर हो जाता है। इसकी वजह से जो सब्जेक्ट होता है वो और भी ज्यादा हाईलाइट हो जाता है। और इस चीज का पहली बार प्रयोग किया गया था इस पेंटिंग में। 

Leonardo Da Vinci Birth Place – लियोनार्डो दा विंची जन्म स्थान

लिओनार्दो दा विंची  (Leonardo Da Vinci) का जन्म 15 अप्रैल 1452 को इटली के प्रसिद्ध शहर फ्लोरेंस के निकट विंची नामक ग्राम में हुआ था। उनके पिता एक प्रसिद्ध वकील थे और माँ विंची नामक ग्राम की ही किसी सराय में कभी नौकरानी रही थी। लेकिन उसके इतिहास के बारे में लोगों को ज्यादा पता नही है। ऐसा कहा जाता है कि लिओनार्दो दा विंची की माता ने वकील साहब के अवैध पुत्र को जन्म दिया था। अपने पुत्र लिओनार्दो दा विंची को अपने पति को सुपुर्द कर उस महिला ने किसी भवन निर्माता से विवाह कर लिया था। 

Leonardo Da Vinci’s Education-लियोनार्डो द विंची की पढाई-लिखाई 

लिओनार्दो दा विंची  (Leonardo Da Vinci) की शिक्षा दीक्षा फ्लोरेंस में ही पूर्ण हुयी थी। लिओनार्दो दा विंची का बचपन अपने दादा के घर में ही बीता था। स्कूल से ही लिओनार्दो दा विंची की प्रतिभा सामने आने लगी थी जबकि गणित की मुश्किल से मुश्किल समस्याओं का समाधान वह चुटकियों में ही कर लेते थे।

हम आपको बता दें की सन 1482 तक उन्होंने विविध विषयों में शिक्षा प्राप्त कर ली थी। और जब वो केवल 14 वर्ष के थे सन 1466 में तभी अचानक उनके मन में मूर्तिया बनाने का शौक उभरा था। उस समय इतनी सी कम आयु में उन्होंने ऐसी मूर्तिया बनाई जिनकी सभी ने प्रशंशा की थी। बचपन में ही वे प्रकृति के मनोरम दृश्यों में खोये रहते थे । जीवों से इतना प्रेम था कि वे शाकाहारी थे ।जब उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर ली थी तब उनके पास आय का कोई साधन नहीं था।

लिओनार्दो दा विंची  (Leonardo Da Vinci) सन 1482 में ही उन्होंने मिलान के ड्यूक को अपनी व्यावसायिक सेवाएँ प्रदान करने हेतु पत्र लिखा था। ड्यूक ने लिओनार्दो दा विंची को अपनी सेना में इंजिनियर के पद पर रख लिया था। वहाँ पर लिओनार्दो ने ऐसे हथियारों के डिजाईन तैयार किये जो युद्ध में काफी उपयोगी सिद्ध हुए थे।

लिओनार्दो दा विंची के पिता सन 1469 में उनके साथ फ्लोरेंस आ गये, जहाँ पर उनकी चाची ने उनकी कई वर्षो तक देखभाल और परवरिश की थी। 

Leonardo Da Vinci’s Creative Interest – रचनात्मक रूचि :

लिओनार्दो दा विंची  (Leonardo Da Vinci) 30 वर्ष की अवस्था में उन्होंने इटली के मिलान शहर जाकर वहाँ के शासक लुडविको सोर्जा के लिए अनेक सड़कों, भवनों में गिरिजाघरों और नहरों के डिजाईन तैयार किये थे। जब लिओनार्दो दा विंची सन 1499 में पेरिस आये तो उस समय तुर्की के साथ युद्ध चल रहा था। वहाँ उन्होंने युद्ध सम्बधी अविष्कार प्रस्तुत किये थे लेकिन ड्यूक को शायद उनमे से कोई पसंद नहीं आयी थी। अंततः ड्यूक के लिए उन्होंने 1495 में अपनी “The Last Supper” पेंटिंग बनाना आरम्भ किया जो 1497 में पूरी हुयी। मिलान शहर में रहते हुए उनकी रूचि शरीर रचना विज्ञान (Anatomy) में जाग उठी थी और सायद इसी कारण वो उस जमाने के मशहूर डॉक्टरों के पास गये ताकि मुर्दों की चीर फाड़ अपनी आँखों से देख सके। और सायद इसी  वजह उन्होंने मानव शरीर के अंग अंग का सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत किये थे।

Leonardo Da Vinci-Monalisa

फ़्रांस के बादशाह ने जब ड्यूक को पकड़ कर कैद में डाल दिया तब उनका कोई अभिभावक साथ देने के लिए नही रहा। इस संकटकाल में वो वेनिस जाकर युद्ध सम्बधी अविष्कारों को वहाँ के अधिकारियों के सम्मुख पेश किया जिनमें गोताखोरों के लिए एक ख़ास किस्म की पोशाक और एक तरह की पनडुब्बी थी। कुछ अरसे के लिए लिओनार्दो दा विंची सेसारे बोर्गिया में यहा नक्काशी की नौकरी भी करते रहे।

हम आपको बता दें की सन 1500 ई० में 50 वर्ष की आयु में लिओनार्दो दा विंची वापस अपनी मातृभूमि फ्लोरेंस लौट आये और छ: सालों तक वही रहे। अब बारी आती है उस प्रसिद्ध पेंटिंग की, की कब बनाई थी। तो निचे पढ़िए। 

Monalisa Painting मोनालिसा  पेंटिंग :

हम आपको आपको बता दें की लिओनार्दो दा विंची  (Leonardo Da Vinci) ने जब मोनालिसा की आयु 24 वर्ष थी तभी फ्लोरेंस में रहते हुए ही उन्होंने अपनी सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग “मोनालिसा” बनायी थी। और इस प्रसिद्ध पेंटिंग को बनाने में उनको पूरे तीन वर्ष लगे थे। मोनालिसा प्रतिदिन दोपहर के बाद लिओनार्दो दा विंची के स्टूडियो में आती थी। लिओनार्दो दा विंची अपनी पूरी पेंटिंग कृति की सुन्दरता को देखकर स्वयं मंत्रमुग्ध हो गये थे। पेंटिंग में मोनालिसा के चेहरे में एक अदभुद मुस्कान झलक रही थी और आँखों में एक अलग ही नशीलापन दीखता था।

Monalisa-Leonardo Da Vinci

आज भी ये पेंटिंग फ़्रांस के एक संग्रहालय में टंगी हुयी है। इस पेंटिंग को उन्होंने मोनालिसा को नहीं दिया। कहा जाता है की इसके बाद भी लिओनार्दो दा विंची ने कई पेंटिंग बनाई थी।

Other Works By Leonardo Da Vinci-लिओनार्दो दा विंची की अन्य रचनाएँ 

इनके बारे में ऐसा जान पड़ता है कि लेओनार्डो चित्रकारी, वास्तुकला, शरीरसंरचना, ज्योतिष, प्रकाशिकी, जल-गति-विज्ञान तथा यांत्रिकी पर अलग अलग ग्रंथ लिखना चाहते थे, पर यह काम पूरा नहीं हुआ। इन विषयों पर इनके केवल अपूर्ण लेख या टिप्पणियाँ प्राप्य हैं। लेओनार्डों ने इतने अधिक वैज्ञानिक विषयों पर विचार किया था तथा इनमें से अनेक पर इनकी टिप्पणियाँ इतनी विस्तृत हैं कि उनका वर्णन यहाँ संभव नहीं है। ऊपर लिखे विषयों के अलावा वनस्पति विज्ञान, प्राणिविज्ञान, शरीरक्रिया विज्ञान, भौतिकी, भौमिकी, प्राकृतिक भूगोल, जलवायुविज्ञान, वैमानिकी आदि अनेक वैज्ञानिक विषयों पर इन्होंने मौलिक तथा अंत:प्रवेशी विचार प्रकट किए हैं। गणित, यांत्रिकी तथा सैनिक इंजीनियरी के तो ये विद्वान् थे ही, आप दक्ष संगीतज्ञ भी थे।

लिओनार्दो दा विंची ने एक साथ हजार पृष्ठों की एक पुस्तक लिखी थी जिसमें उन्होंने धरती की सुन्दरता, उसके सुंदर दृश्य, शरीर विज्ञान से संबंधित चित्र, युद्ध में काम आने वाली मशीनें, लड़ाकू विमान आदि का विवरण था। लिओनार्दो दा विंची ने कितनी ही छोटी मोटी चीजें इजाद कीं, जो आज भी थोड़ी बहुत हेराफेरी के साथ उसी शक्ल में इस्तेमाल हो रही हैं। उनमें कुछ फर्क आ गया है तो यही कि लकड़ी की जगह स्टील का इस्तेमाल हो रहा है किन्तु मूल में काम कर रहे नियम सर्वप्रथम लिओनार्दो दा विंची की सूक्ष्म बुद्धि से ही विकसित किये गए थे। 

लियोनार्डो युद्ध के घोर विरोधी थे, पर विडंबना यह कि उन्हें हिंसक अस्‍‍त्र-शस्‍‍त्र, युक्‍तियाँ, उपकरण आदि तैयार करने पड़े। परिस्थितियाँ इतनी प्रतिकूल थीं कि उनके तमाम चित्र, मूर्तियाँ, मॉडल आदि अधूरे ही रह गए। उनके डिजाइन किए हुए शहर, नहरें, बाँध आदि कागजों पर ही चिपके रह गए। बाद के वैज्ञानिकों, कलाकारों, दार्शनिकों ने उन्हें अपना आदर्श माना और उनके बनाए स्कैचों, डिजाइनों, मॉडलों आदि को मूर्त रूप दिया। उस काल में की गई उनकी कल्पनाएँ—जैसे पनडुब्बी, हेलीकॉप्टर, टैंक, सर्पिल सीड़ियाँ, साफ-सुथरे शहर, अद‍्भुत खिलौने—आज साकार हो चुकी हैं।

लिओनार्दो दा विंची का निधन :

लिओनार्दो दा विंची का 2 मई 1519 में फ़्रांस के क्लाउस नामक शहर में देहांत हो गया था।
एक प्रतिष्ठित कलाकार के रूप में उनकी प्रसिद्धी जीवनी उनकी मृत्यु के बाद ही फ़ैली।

Some Interesting facts of Leonardo Da Vinci – लिओनार्दो दा विंची की रोचक तथ्य :

  1. जब कोई सीक्रेट बात लिखनी होती थी तो लियोनार्डो दा विंसी बहुत आसानी से शब्द को उल्टे क्रम में लिख लेते थे, जैसा हमें शीशे में लिखा हुआ दिखाई देता हैं।
  2. लियोनार्डो दा विंसी पहले ऐसे इंसान थे जो एक ही समय में एक हाथ से लिखते भी थे और दूसरे हाथ से Drawing भी करते थे। 
  3. लिओनार्दो दा विंची पहले ऐसे इंसान थे जिन्होंने आकाश का रंग नीला होने का सही कारण बताया था, ऐसा इसलिए क्योंकि हवा जो है सूरज से आने वाली रौशनी को बिखेर देती है और नील रंग में बाकी रंगों की तुलना में फैलने की क्षमता अधिक होती है तो हमें दिन में आकाश नीला दिखाई देता हैं। 
  4. लियोनार्डो दा विंसी ने मोनालिसा की पेंटिंग पर आंख की दाई पुतली पर अपने हस्ताक्षर किये थे।
  5. लियोनार्डो दा विंसी द्वारा बनाई गई विश्व प्रसिद्ध मोनालिशा की पेंटिंग Guinness World Record के अनुसार लियोनार्डो दा विंसी की मोनालिसा, एक Face-Recognition सॉफ्टवेर के अनुसार 83%खुश, 9% Disgusted, 6% डरी हुई व 2% गुस्से में हैं। ऐसा कहा गया है।
  6. इतिहास में सबसे ज्यादा Insurance Value वाली पेंटिग हैं। 1911 में पेरिस के Louvre म्यूजियम से चोरी होने के बाद यह सबसे फेमस तस्वीर बन गई। 2019 में इसकी कीमत 0.75 बिलियन US $ थी। 
  7. उन्होंने सबसे पहले पैराशूट, हेलीकॉप्टर और ऐरोप्लेन स्केच तैयार किया था। उन्होंने सबसे पहली Repeating राइफल व टैंक भी डिजाईन किया था, और अगर इतना ही नहीं है उन्होंने सबसे पहला झूलता पूल, Paddleboat व मोटरकार भी डिजाईन किये थे।

Persuasive Statement by Leonardo Da Vinci – लिओनार्दो दा विंची के प्रेरक कथन :

लिओनार्दो दा विंची कहतें हैं की ,
  1. सादगी परम जटिलता है।
  2. सबसे बड़ी ख़ुशी समझने की ख़ुशी है।
  3. कला कभी ख़त्म नहीं होती, उसे बस त्याग दिया जाता है।
  4. प्रेम उनसे करें जो मुसीबत में मुस्कुरा सकें, जो संकट में शक्ति एकत्रित कर सकें, और जो आत्मचिंतन से साहसी बन सकें।
  5. अनुपयोग से लोहा जंग खा जाता है, स्थिरता से पानी अपनी शुद्धता खो देता है, इसी तरह निष्क्रियता मस्तिष्क की ताकत सोख लेती है।
  6. सफलता पाने वाले बैठ कर चीजों के होने का इंतज़ार नहीं करते। वे बाहर जाते हैं और वे चीजें कर डालते हैं।
  7. एक अच्छी तरह से बिताया दिन सुखद नींद लेकर आता है।
  8. जैसे एक अच्छी तरह बिताया दिन सुखद नींद लेकर आता है, उसी तरह एक अच्छी तरह बिताया जीवन एक सुखद मौत लेकर आता है।
  9. जहाँ मैं सोचता था कि मैं जीना सीख रहा हूँ, वहीँ मैं मरना सीख रहा था।
  10. तीन तरह के लोग होते हैं- वो जो देखते हैं, वो जो दिखाने पर देखते हैं, वो जो नहीं देखते हैं।
  11. मनुष्य का पैर इंजीनियरिंग की उत्कृष्ट कृति और कला का एक काम है।
  12. सीखना कभी दिमाग को थकाता नहीं है।
  13. जो सदाचार बोता है वो सम्मान काटता है।
  14. मैं किसी काम को करने की तत्परता से प्रभावित हूँ।  सिर्फ जानना पर्याप्त नहीं है ; हमें लागू करना चाहिए। इच्छा रखना काफी नहीं है ; हमें करना चाहिए।
  15. आंखें क्यों किसी चीज को जगे हुए कल्पना करने की तुलना में सपनों में ज्यादा स्पष्ठ्टा से देखती  हैं?
  16. जहाँ आत्मा हाथों से काम नहीं करती वहाँ कोई कला नहीं है।
  17. वो जो सिद्धांत जाने बिना अभ्यास से प्रेम करता है , उस नाविक के समान है जो जहाज पर बिना पतवार और कम्पास के चढ़ जाता है और कभी नहीं जानता कि वो किधर जा सकता है।
  18. प्रकृति कभी अपने नियम नहीं तोड़ती।
  19. वो जो एक दिन में अमीर बनना चाहता है, उसे एक साल में फांसी पर लटका दिया जायेगा।
  20. जिसे आप नहीं समझते, यदि उसकी प्रशंशा करते हैं तो बुरा करते हैं, लेकिन अगर निंदा करते हैं तो और भी बुरा करते हैं।
  21. हर उस व्यक्ति के लिए समय की कोई कमी नहीं रहेगी जिसे समय का उपयोग करना आता है।
  22. समय उसके लिए लम्बे समय तक रहता है जो इसका इस्तेमाल करता है।
  23. शादी साँपों से भरे बैग में इस आशा के साथ हाथ डालना है कि मछली निकले।
  24. जिस जगह पर लोग चिल्ला कर या चीख कर बात करते है वहां सच्ची जानकारियां नहीं मिल सकती।
  25. विज्ञान, आर्मी का कप्तान और प्रैक्टिस, सैनिकों की तरह होती है।
  26. समय के साथ किसी भी चीज को जोड़ा जा सकता है, वह सच ही हो सकता है।
  27. आप अच्छे लीडर बनना चाहते है, ये सभी चाहते है कि लोग आपकी बात सुने तो ज्यादा बातचीत न करे। चुप्पी को हथियार बनाए।
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