What is Computer in Hindi ? Basic and Advance Knowledge

हेलो नमस्कार दोस्तों,आज हम जानेंगे कंप्यूटर के बारे में, ( Computer क्या है ) ( What is Computer in Hindi ) के विषय में बात करेंगे।
Computer कंप्यूटर को आसान भाषा में कहा जाये तो,
COMPUTER – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रोनिक यंत्र होता है।
शायद आप कुछ लोगों को पहले से भी पता होगा ये परिभाषा कंप्यूटर के बारे में।लेकिन आज हम कुछ बेसिक से थोड़ा एडवांस COMPUTER कंप्यूटर तक जानेंगे बिस्तार से,
तो बने रहिये मेरे साथ और चलिए जानते हैं।
What-is-Computer-Basic-of-Computer-history-of-computer

कंप्यूटर क्या है हिन्दी में – Computer Kya Hai Hindi Mein – What is Computer in Hindi?

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के समकालिक कार्य के साथ काम करता है। कंप्यूटर के अंदर सभी संचार हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के संयोजन के साथ किया जाता है। कंप्यूटर एक मशीन भी है, जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार कार्य को संपादित करता है, और यह एक ऐसा इलेक्ट्रोनिक यंत्र है, जिसे जानकारी के साथ काम करने के लिए बनाया गया है।Computer यह शब्द Latin के शब्द “Computare” से लिया गया है। इसका अर्थ है Calculation करना या गणना करना।

Computer के मुख्यतः तीन काम है।(1)  डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है, दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है। और फिर आखिरी में काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं।

अब बारी है ये जानने की, की…..

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया? – Computer Ka Aviskar Kisne Kiya? – Who Invented Computer?

सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को Charles Babbage ने डिजाईन किया था। इसीलिए उन्हें मॉडर्न कंप्यूटर का जनक भी Charles Babbage को कहा जाता है, जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है। इसमें Punch card की मदद से डाटा को insert किया जाता था। तो कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है, फिर उस data को program (set of Instruction) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है। ये दोनों numerical और non numerical (arithmetic and Logical) calculation को process करता है।

Charles Babbage को आधुनिक कंप्यूटर का जनक इसलिए कहा जाता है, क्योंकि ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है। लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है।  क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकाला था। उनके इस engine में ALU, Baisc Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी। इसी model पे ही आधार Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया। इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है। तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता है। 

कंप्यूटर के अवयव – Components of Computer – Computer Ke Avyaw 

आज के  Modern Digital कंप्यूटर के कई Components हैं, लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण कुछ इस प्रकार हैं।  जैसे,

CPU (Central Processing Unit)

Input Device

Output Device

Mass Storage Device and

Memory

Process Data        :    Processing

Accept Data         :    Input

Produce Output   :    Output

Stores Result       :    Storage

कंप्यूटर कैसे काम करता है ? How to work Computer ?

कंप्यूटर निम्न प्रक्रिया से काम करता है। 

1. Input (Data) :

Input वो step है जिसमे की Raw Information को Input Device इस्तमाल करके कंप्यूटर में डाला जाता है. ये कोई letter, पिक्चर या कोई विडियो भी हो सकता है.

2. Process:

Process के दौरान input हुए data को instruction के अनुसार processing की जाती है. ये पूरी तरह से Internal प्रोसेस है.

3. Output :

Output के दौरान जो data पहले से process हो चुकी हैं उसको Result के तोर में show किया जाता है।  और यदि हम चाहें तो इस result को save कर के Memory में रख भी सकते हैं Future के इस्तमाल के लिए। 

कंप्यूटर का इतिहास हिंदी में – History of Computer in Hindi

वैसे तो इस बात की सही तरह से प्रमाणित नहीं किया जा सकता है, की कब से कंप्यूटर का  विकास Development शुरू किया गया।

लेकिन Officially कंप्यूटर के विकास ( Development ) को Generation के मुताबिक Classify कर दिया गया है। ये मुख्यतः  5 हिस्सों में बंटे हुए हैं.

जब बात Computer की Generation की आती है तो , इन्हें सठिक रूप से आसानी से समझने के लिए उन्हें अलग-अलग पीड़ियों में विभाजित कर दिया गया है। 

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी ( First Generation of Computer ) – 1940-1956 “Vacuum Tubes”

पहली पीढ़ी : सबसे पहले Generation के कंप्यूटर Vaccum Tubes को Circuitry और Magnetic Drum को Memory के लिए इस्तमाल करते थे। ये Size में काफी बड़े-बड़े हुआ करते थे। इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था। ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें Heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार Malfunction भी होता था। इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था। उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC Computers.

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी ( Second Generation of Computer ) – 1956-1963 “Transistors”

दूसरी पीढ़ी : Second Generation के Computers में Transistors ने Vaccum Tubes की जगह ले ली थी  Transistor बहुत ही कम जगह प्रयोग में लेते थे, छोटे थे, Faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे।

ये पहले Generation के कंप्यूटर की तुलना में कम Heat Generate करते थे, लेकिन फिर भी इसमें Heat की समस्या अभी भी थोड़ी बहुत थी। 

इनमे High Level Programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था। 

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी ( Third Generation of Computer ) – 1964-1971 “Integrated Circuits”

तीसरी पीढ़ी : कंप्यूटर के Third Generation से यह फ़ायदा हुआ की, कंप्यूटर की Processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी, क्योंकि कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था।
जिसमे Transistors को छोटे-छोटे कर के Silicon Chip के अन्दर डाला जाता था, जिसे Semi Conductor कहा जाता है।
पहली बार इस Generation के Computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया। इसे पहली बार Market में Launch किया गया।

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी ( Forth Generation of Computer ) – 1971-1985 “Microprocessors”

चौथी पीढ़ी : Forth Generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन Chip में Embedded किया गया। इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई।
Microprocessor के इस्तमाल से कंप्यूटर की Efficiency और भी बढ़ गयी। ये बहुत ही कम समय में बड़े-बड़े कैलकुलेशन को Calculate कर पा रहा था।

कंप्यूटर की पाँचवी पीढ़ी ( Fifth Generation of Computer )

कम्प्यूटर की पांचवीं पीढी की शुरूआत 1989 से मानी जाती है। इस जनरेशन में आई सी की आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाने लगा था। IC की यह तकनीकी ULSI थी इसका पूरा नाम Ultra Large Scale Integration है।
इसमें High Level भाषा का प्रयोग प्रोग्रामिंग Programming कि लिये किया जाता था जो अधिक सरल है।
इन भाषाओं में GUI Interface का प्रयोग किया जाता है।
इस Generation के Computer को इस तरह बनाया जा रहा है ताकि वो अपने आप कार्य कर सके, उसे चलाने के लिए किसी End User की आवश्यकता ना पड़े| अभी Google Assistant, Windows Cortana इसके उदहारण हैं| इस generation की अवधी 1981 से अभी तक है|
इसमें input method के लिए high level language का इस्तेमाल किया जाता है जैसे Python, C#, Java, R, etc.

अगली पीढ़ी के कम्प्यूटर (Next Generation of Computer)

1. नैनो कम्प्यूटर (Nano Computer)

नैनो स्तर (10-m) पर निर्मित नैनो ट्यूब्स के प्रयोग से अत्यन्त छोटे व विशाल क्षमता वाले कम्प्यूटर के विकास का प्रयास किया जा रहा है।

2. वांटम कम्प्यूटर (Quantum Computer)

यह प्रकाश के क्वांटम सिद्धान्त पर आधारित है जिसमें आकड़ों का संग्रहण और संसाधन क्वांटम कण कहते है। ये कहते है। ये कण युग्म में रहते हैं और इन्हें ‘क्यू बिट्स कहते है।

आज आपने क्या सीखा

मुझे पूर्ण विश्वाश है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है ((What is Computer in Hindi-History of Computer)) के बारे में पूरी जानकारी बहुत अच्छे से दी है और में आशा करता हूँ आप लोगों को Basic and Advance Computer-History of Computer के बारे में समझ आ गया होगा।

प्रिय पाठकों, मेरा आप सभी पाठकों से यही गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share साझा करें, जिससे की मई मोटीवेट होकर और नए – नए टॉपिक्स को अच्छे से लिख कर आपलोगों के समक्ष रख सकूँ। इससे आप सबको बहुत लाभ होगा। मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ।

आपको यह लेख (What is Computer in Hindi-History of Computer) कैसा लगा हमें Comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मौका मिले। धन्यवाद।

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