What is Internet in Hindi? Types of Internet

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जैसा की मैंने आपको पहले बता चूका हु की इंटरनेट क्या है ? के बारे में, और आप इंटरनेट के बारे में जान चुके हैं। लेकिन आज मै आपको इंटरनेट के बारे में थोड़ा और विस्तार में बताने जा रहा हूँ। इंटरनेट के अलग – अलग टॉपिक पर, जैसे की,

(1) इंटरनेट क्या है ?

(2) इंटरनेट कितने प्रकार के होते हैं ?

(3) इंटरनेट कनेक्शन के प्रकार ? जैसे,

(a) Dial-उप कनेक्शन / PSTN (Public Service Telephone Network) कनेक्शन

(b) ISDN Connection

(c) Leased Line Connection

(d) Very Small Aperture Terminal (VSAT)

(e) Broadband Connection

(f) Wireless Connection

(g) Satellite Internet कनेक्शन

(4) Connectivity क्या है ?

(5) भारत के प्रथम इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कौन – कौन है ?

(6) इंटरनेट किस प्रकार का नेटवर्क है ?

1. Internet क्या है ?

इंटरनेट लोगों के एक वैश्विक संग्रह है। इसीलिए हम कह सकते हैं की इंटरनेट जो है एक पुरे दुनिया का बहुत बड़ा  जाल है। जहाँ सभी नेटवर्क एक – दूसरे के साथ जुड़े होते हैं। यह एक ग्लोबल नेटवर्क होने के कारन बहुत से प्रकार के जानकारी और दूर संचार सेवाएं प्रदान करता है। क्योकि ये कंप्यूटर केबल और टेलीफोन लाइन के माध्यम से ज़ुरा होता है। संक्षेप में हम कह सकते हैं की “Internet” लोगो के लिए एक वैश्विक संग्रह है। जो कंप्यूटर केबल और टेलीफोन लाइन के माध्यम इ ज़ुरा होता है। (What is Internet in Hindi? Types of Internet)

Internet – इंटरनेट का फुल फॉर्म क्या होता है ?

इंटरनेट का फुल फॉर्म इंटरकनेक्टेड नेटवर्क (Interconnected Network) होता है। इंटरनेट जो असल में बहुत ही बड़ा वेब सर्वर्स वर्ल्ड वाइड का नेटवर्क होता है। इसीलिए इसे कई जगहों में वर्ल्ड वाइड वेब या simply the web भी कहा जाता है। इंटरनेट एक – दूसरे के साथ जुड़े रहने के लिए SDP यानि Standardised Communication Protocol का इस्तेमाल करता है। ये जो जाल है इंटरनेट का इसी जाल को इंटरनेट की भाषा में मीडिया या फिर Transmission Media कहा जाता है। वैसे ये जाल एक तरह का वायर, यानि की तार है। जिसके जरिये Data दुनियां भर में एक दूसरे यूजर को ट्रांसफर होता रहता है। यह Data जो है Text, Image, Video, या Mp3  के रूप में होता है।

अधिकतर हमलोग गूगल या किसी भी सर्च इंजीने में Text, Image, Video, या Mp3 ही सर्च करते हैं। यह सभी डाटा राऊटर और सर्वर के जरिये आदान – प्रदान होता है। जब भी कोई सन्देश या मैसेज या फिर डाटा एक कंप्यूटर से – दूसरे कंप्यूटर में भेजा जाता है तब एक प्रोटोकॉल काम करता है, जिसे IP or Internet  Protocol कहा जाता है।

Internet के प्रकार ? 

हम आपको बात दे की वैसे तो Internet या Net का अपना कोई प्रकार नहीं होता है। लेकिन यह कई साडी जानकारियां जानने को मजबूर करती है इंटरनेट के बारे में। जैसे की इंटरनेट के कनेक्शन कितने तरह के होते हैं ? Internet के नेटवर्क कितने तरह के होते हैं ?

तो कनेक्शन के तौर पर देखा जाये तो इंटरनेट के प्रकार को दिखाया जा सकता है। (What is Internet in Hindi? Types of Internet)

Internet Connection के प्रकार ?

हम सभी जानते हैं की बिना Internet कनेक्शन के इंटरनेट को हम नहीं चला सकते हैं। इंटरनेट कनेक्शन द्वारा ही इंटरनेट के सारे काम किये जाते हैं। इंटरनेट का कनेक्शन कई अलग – अलग प्रकार के होते हैं। जैसे,

(A) Dial-up Connection / PSTN (Public Service Telephone Network)

जब भी किसी टेलीफोन लाइन द्वारा कंप्यूटर में Internet Services दी जाती है तब वह काम Dial-up Connection के माध्यम से होता है। इसी तरह के टेलीफोन लाइन से कंप्यूटर में इंटरनेट देने की प्रक्रिया को Dial-up Connection कहा जाता है। इस प्रकार के Connection Modem  द्वारा बनाया जाता है। और Dial-up Connection में कंप्यूटर और IPs ( Internet Protocol Server ) के बिच एक स्थायी सम्बन्ध बनाया जाता है। इस तरह के कनेक्शन में प्रयोग होने वाले डाटा को kbps और mbps में मापा जाता है। यह कनेक्शन दूसरे कनेक्शन की तुलना में सस्ता होता है। 

(B) ISDN Connection (Integrated Service Digital Network)

ISDN, Dial-up Connection के अपेक्षाकृत इसकी इंटरनेट की स्पीड ज्यादा होती है, और महंगा भी होता है। लेकिन यह Connection बहुत ज्यादा बेहतर काम करता है।

(C) Leased Line Connection (LLC)

लीज्ड लाइन कनेक्शन एक टेलीफोन लाइन से IP Server और Computer से जुड़ा होता है। यह कनेक्शन भी दूसरे कनेक्शन की अपेक्षा थोड़ा महंगा होता है। लेकिन ऐसे कनेक्शन को 24 घंटे प्रयोग में ले सकते हैं।

(D) Very Small Aperture Terminal (VSAT)

VSAT इंटेरेट कनेक्शन को GS यानी की Geosynchronous Satellite के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि ये Geosynchronous Satellite से ज़ुरा होता है। VSAT Internet Connection का उपयोग अधिकतर दूर संचार सेवा जैसे कार्यों में सर्वाधिक किया जाता है। एक खास प्रकार का ग्राउंड स्टेशन होता है। VSAT की मदद से जिन माध्यमों के बीच सुचना आदान – प्रदान किया जाता है, उसे Hub कहा जाता है।

(E) Broadband Internet Connection

ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शनमें भी तार को कंप्यूटर से जोड़ा जाता है। वह भी टेलीफोन के लाइन से जुड़ा होता है। इसका उपयोग भी हाई स्पीड इंटरनेट डाटा को Access करने के लिए किया जाता है। यह कनेक्शन भी थोड़ा महंगा होता है। ब्रॉडबेंड कनेक्शन, यूजर को ४ तरीके से High Speed Data आदान – प्रदान करता है। निचे दिए गए हैं चार तरीकें। 

(1) Digital Subscriber Line – डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन (DSL)

(2) Cable Modem  – काबिल मॉडेम (CL)

(3) Fibre Optic – फाइबर ऑप्टिक (FO)

(4) Broadband Over Power Line (BOPL)

(F) Wireless Internet Connection (WIC)

जैसा की आप नाम से ही समझ चुके होंगे की वायरलेस मतलब की बिना तार का इंटरनेट कनेक्शन। तो,

Wireless Internet Connection में यूजर को बिना किसी भी प्रकार के तारों से इंटरनेट की सुविधाएँ दी जाती है। इसमें किसी प्रकार के तार का उपयोग नहीं किया जाता है। वैसे तो यह कनेक्शन बहुत अच्छा होता है लेकिन जहाँ पर नेटवर्क सिग्नल कमजोर होता है, वहां पर यह कनेक्शन सही से काम नहीं करता है। क्योकि इसमें Radio Frequency Band के जरिये इंटरनेट सेवाएं दी जाती है।

(G) Satellite Internet Connection (SIC)

Satellite Internet Connection की सुविधा Satellite की मदद से की जाती है। और फिट सॅटॅलाइट Signal की सहायता से connection data को Users तक पहुँचाता है।

(H) Mobile Internet Connection (MIC)

Mobile Internet Connection Telecom Service Providers Data Companies  के द्वारा कुछ – अलग प्रकार के प्लान में दिया जाता है। प्रयोगकर्ता यानि Users इन Data Plan को अपने उपयोग के अनुसार खरीदते हैं। इसीलिए इसका उपयोग अधिक्तर मोबाइल में किया जाता है। Mobile में Sim Card लगा होता है और नेटवर्क Signal के जरिए इसमें internet  या Data का आदान – प्रदान होता है।

Connectivity क्या है ?

Internet Connection द्वारा जब कोई Device कोई इंटरनेट से जुरता है, तो उसी प्रक्रिया को Connectivity कहा जाता है। कनेक्टिविटी Computer और Mobile से Internet को जोड़ने का कार्य करता है। बिना किसी कनेक्टिविटी के कंप्यूटर या मोबाइल में इंटरनेट की सुविधा प्राप्त नहीं की जा सकती है। कनेक्टिविटी के द्वारा ही Users किसी भी कंप्यूटर और मोबाइल्स या कोई अन्य इंटरनेट डिवाइस या फिर कंप्यूटर नेटवर्क सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। 

भारत में इंटरनेट कब सुरु हुआ था ?

भारत में पब्लिक्ली इंटरनेट सर्विस की सेवा सन्न 14 अगस्त 1995 में State – Owned Videsh Sanchar Nigam Limited (VSNL) द्वारा लॉन्च किय गया था।

भारत के प्रमुख इंटर्नेट सर्विस प्रवाइडर कौन कौन हैं ?

भारत के प्रमुख इंटर्नेट सर्विस प्रवाइडर Reliance Jio, Airtel, BSNL, Vodafone Idea, Act Fibernet, Hathway एवं अन्य शामिल हैं।

आज आपने क्या सीखा (Conclusion)

मुझे पूर्ण विश्वाश है की मैंने आप लोगों को इंटरनेट क्या है (What is Internet in Hindi (Types of Internet)) के बारे में पूरी जानकारी बहुत अच्छे से दी है और में आशा करता हूँ आप लोगों को इंटरनेट के बारे में समझ आ गया होगा।

प्रिय पाठकों, मेरा आप सभी पाठकों से यही गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share साझा करें, जिससे की मई मोटीवेट होकर और नए – नए टॉपिक्स को अच्छे से लिख कर आपलोगों के समक्ष रख सकूँ। इससे आप सबको बहुत लाभ होगा। मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ।

आपको यह लेख (इंटरनेट क्या है हिंदी में) कैसा लगा हमें Comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मौका मिले। धन्यवाद।

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