Sachin Tendulkar Biography in Hindi-God of Cricket

अपराध तब करो जब सचिन बैटिंग कर रहा हो, क्योंकि भगवान भी उस वक्त सचिन तेंदुलकर की बैटिंग देखने में व्यस्त होते हैं। जी हाँ ऐसा मैं नहीं ऐसा सचिन तेंदुलकर के ऑस्ट्रेलियन फैंस का कहना है।

क्रिकेट के भगवान – सचिन तेंदुलकर की जीवनी हिंदी में।

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क्रिकेट के भगवान  कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एक मात्र खिलाड़ी है। सन्न 2008 में वे पज्ञ विभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किये जा चुके हैं। भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्ति और सर्वोच्च नागरिक सम्मान और भरत रत्न से सम्मानित क्रिकेट खिलाड़ी है। सन्न 1989 में अंतरास्ट्रीय क्रिकेट खेल में प्रदर्शन के बाद क्रिकेट खेल में वह बल्लेबाजी के रूप में कई कीर्तिमान हासिल किये। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेल खेलने के लिए उनका बड़ा भाई ने प्रोत्साहित किया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट एवं एक दिवसीय क्रिकेट खेल, दोनों में सर्वाधिक सेंचुरी अर्जित किये हैं।  वे टेस्ट क्रिकेट में 15921 रन बनाने वाले विश्व भर में एक मात्र खिलाड़ी हैं। सचिन तेंदुलकर ने एकदिवसीय क्रिकेट मैचों में कुल 18426 रन्स बनायें हैं। 

सचिन का प्राम्भिक जीवन Sachin’s Early Life

क्रिकेट का भगवान कहा जाने वाला सचिन तेंदुलकर का जन्म राजपुर के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में मुंबई के निर्मल नर्सिंग होम में 24 अप्रैल 1973 को हुआ था। उनके पिता का नाम रमेश तेंदुलकर था, जो एक लेखक और प्रोफेसर थे। उनकी माँ का नाम रजनी तेंदुलकर था , जो की वह एक इन्शुरन्स कंपनी में काम करती थी। सचिन तेंदुलकर वह अपने पिता की दूसरी पत्नी का पुत्र हैं। सचिन तेंदुलकर का नाम उनके पिता अपने चेहते संगीतकार सचिन देव वर्मण के नाम पर रखा था। सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर की पहली पत्नी से तीन संताने हुई, जिनमे पहला है अजित तेंदुलकर और दूसरा नितिन तेंदुलकर और तीसरी है सविता तेंदुलकर। ये तीनों ही सचिन तेंदुलकर से बड़े हैं। सविता तीनों भाइयों की एक लाडली बहन है।

सचिन तेंदुलकर की शिक्षा (Education) :

सचिन पढाई में बहुत अच्छे नहीं थे। वे मध्यम श्रेणी के विद्यार्थी रहे हैं। इनकी आरंभिक शिक्षा बांद्रा की इन्डियन एजुकेशन सोसाइटी की न्यू इंग्लिश स्कूल में हुई थी। फिर क्रिकेट के प्रति इनकी रूचि देख कर इनके क्रिकेट के प्रशिक्षक रमाकांत आचरेकर के कहने पर इन्हें मुंबई के दादर की  शारदाश्रम विद्या मंदिर में दाखिला दिलवाया गया था। फिर वे उच्च शिक्षा के लिए मुंबई के खालसा कॉलेज गए फिर इन्होने अपनी पढाई को बीच में ही विराम दिया और क्रिकेट को ही अपना मुकाम बना लिया। 

सचिन की लव लाइफ और मेरिज लाइफ ( Sachin’s Love Life And Marriage )

सचिन की सादी 24 May 1995 को हुई थी। उनकी पत्नी का नाम अंजली तेंदुलकर है। अंजलि एक शिशु रोग विशेषज्ञ है। सचिन की पत्नी अंजलि प्रसिद्ध उद्योगपति अशोक मेहता की बेटी है। सचिन और अंजलि की पहली मुलाकात मुंबई एअरपोर्ट पर हुई थी। फिर दोबारा इनकी मुलाकात एक मित्र के यहाँ हुई, जो कि इन दोनों को जानते थे। उसी दौरान इन दोनो की बातचीत शुरू हुई। अंजली एक मेडिकल की छात्रा है इन्हें क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नही थी। उस समय तब तक उन्हें जानकारी नहीं थी की सचिन एक क्रिकेटर है। जब इनदोनो का मिलने जुलने का सिलसिला जारी रहा, तब अंजलि को क्रिकेट में रूचि जागने लगी।

जब ये दोनों एक दुसरे से मिले थे तब अंजलि अपनी मेडिकल करियर में प्रेक्टिस कर रही थी और सचिन के क्रिकेट के सफ़र की शुरुआत हुई थी। जब सचिन ने अपनी पहचान बना ली थी, तब अब इन दोनों का मिलना इतना आसान नही हो प् रहा था, क्योंकि ये जहाँ भी जाते थे सचिन के फेन इन्हें घेर लेते थे। एक बार जब इन दोनों ने कुछ दोस्तों के साथ ” रोजा ” मूवी जाने का सोचा, लेकिन सिनेमा हॉल में अपने फैन्स के डर से सचिन ने नकली दाड़ी मुछ लगा कर थिएटर में गए पर इनके  फैंस इन्हें पहचान गए और इन्हें घेर लिया और ऑटोग्राफ लेने लगे।

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सचिन तेंदुलकर की पत्नी अंजलि तेंदुलकर बताती है की जब सचिन इंटरनेशनल टूर पर होते थे, तब इंटरनेशनल फोन का बिल बचाने के लिए सचिन को लव लेटर लिखती थी। सचिन से बात करने के लिए। और इस तरह इन दोनों का रिश्ता 5 साल तक रहा उसके बाद इन्होने शादी करने का फैसला कर लिया और सादी कर ली। शादी के 2 साल बाद 12 अक्टूबर 1997 को इनके घर में बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम इन्होने सारा तेंदुलकर रखा। फिर 2 साल बाद इनके घर में एक बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम अर्जुन रखा गया। बच्चों के बाद अंजलि को अपना करियर बीच में ही रोकना पड़ा उन्होंने सारा ध्यान अपने बच्चो की परवरिश में लगाया। एक इंटरव्यू में इन्होंने कहा है कि अपने करियर को छोड़ने का इन्हें कोई दुःख नही है ये अपने पति और बच्चो को समय देना ज्यादा पसंद करती है। अंजलि तेंदुलकर ने एक आदर्श माँ और पत्नी का फर्ज निभाया है और सफल वैवाहिक जीवन की स्थापना की है।

क्रिकेट की दुनिया में सचिन का आगमन – Sachin’s Arrival in Cricket World, How ?

सन्न 1984 में सचिन को क्रिकेट खेलने के लिए उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर ने अकादमी ज्वाइन कराने का सोचाऔर फिर रमाकांत अचरेकर के पास ले गए। रमाकांत आचरेकर उस समय के प्रसिद्ध क्रिकेट माने जाते थे। पहली बार कोच के सामने सचिन ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था , जिसके कारन कोच ने सचिन को अकादमी में लेने से मन कर दिए थे। पुनः उनके बड़े भाई के कहने पर कोच रमाकांत आचरेकर ने सचिन को दूसरा मौका दिया और इस बार सचिन ने कोच के सामने प्रदर्शन नहीं किया। कोच रमाकांत आचरेकर जी ने इस बार सचिन का प्रदर्शन पेड़ के पीछे से चुपके से देख रहे थे। इस बार सचिन ने अच्छा प्रदर्शन किया और फिर कोच ने सचिन को अपने अकादमी में ले लिया। क्रिकेट सिखाते समय कुछ दिन बाद कोच को सचिन का बल्ला बैट को पकड़ने का तरीका सही नहीं लगा , क्योकि सचिन बल्ला को बहुत निचे पकड़ते थे जिसके कारण सही शॉट नहीं लग पाता था। फिर कोच ने सचिन को बैट को सही तरीके से पकड़ने का तरीका सिखाया। सचिन बहुत मेहनती थे, वे लगातार प्रैक्टिस किया करते थे, जब वे थक जाया करते थे, तब कोच स्टंप में 1 रुपय का कॉइन रख दिया करते थे, जिससे सचिन आगे खेलते रहे। सचिन के कोच अचरेकर सचिन को सुबह स्कूल जाने से पहले व शाम को स्कूल से आने के बाद क्रिकेट की ट्रेनिंग दिया करते थे। और इस तरह से Cricket में के ‘द्रोणाचार्य’ रमाकांत आचरेकर इन्होंने सचिन को सक्षम शिक्षा दी। हँरिस शिल्ड मुकाबले में विनोद कांबली के साथ निजी 326 रन करते हुये 664 रनों की विक्रमी भागीदारी करने का पराक्रम किया और 15 साल की उम्र में वो मुंबई टीम में शामिल हुये।

1988 में सचिन ने स्टेट लेवल के मैच में मुंबई की तरफ से खेलकर अपने करियर की पहली सेंचुरी मारी थी| पहले ही मैच के बाद उनका चयन नेशनल टीम के लिए हो गया था और 11 महीनों बाद सचिन ने पहली बार इंटरनेशनल मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला, जो उस समय की सबसे दमदार टीम मानी जाती थी। 

सचिन ने सन 1990 में इंग्लैंड दौरे में अपने टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक लगाया जिसमे उन्होंने नाबाद 119 रन बनाये और दुसरे नंबर के सबसे छोटे प्लेयर बन गए जिन्होंने सेंचुरी मारी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट मुकाबलों में भी सचिन का प्रदर्शन यही रहा और उन्होंने कई टेस्ट शतक बनाये।

सचिन ने अपना पहला घरेलु टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ सन्न 1992-93 में भारत में खेला जो की उनका टेस्ट कैरियर का 22वा टेस्ट क्रिकेट मैच था। सचिन की प्रतिभा और क्रिकेट तकनीक को देखते हुए सभी ने उन्हें डॉन ब्रेडमैन की उपाधि दी जिसे बाद में डॉन ब्रेडमैन ने भी खुद इस बात को स्वीकार करा था। सन 1996 के वर्ल्ड कप के समय सचिन को टीम का कप्तान बना दिया गया। 1998 में तेंदुलकर ने कप्तानी छोड़ दी थी। 1999 में उन्हें फिर कप्तान बना दिया गया। कप्तानी के दौरान सचिन ने 25 में से सिर्फ 4 टेस्ट मैच जीते थे, जिसके बाद से तेंदुलकर ने कभी भी कप्तानी नहीं करने का फैसला कर लिया। 29 वर्ष और 134 दिन की उम्र में सचिन ने अपना 100वां टैस्ट इंग्लैण्ड के खिलाफ खेला। 5 सितम्बर, 2002 को ओवल में खेले गए इस मैच से सचिन 100वां टैस्ट खेलने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन गया। सचिन के क्रिकेट खेल की औपचारिक शुरुआत तभी हो गई जब 12 वर्ष की उम्र में क्लब क्रिकेट (कांगा लीग) के लिए उन्होंने खेला।

सचिन तेन्दुलकर का क्रिकेट से संयास – Sachin Tendulkr Retirement 

सन्न 2012  में  23 दिसम्बर को सचिन ने वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिए। वहीं मुम्बई के अपने अन्तिम टेस्ट मैच में उन्होंने 74 रनों की पारी खेलकर 16 नवम्बर 2013 को टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लिया था। तेंदुलकर ने अपने कैरियर में 200 टेस्ट मैचों में 53.79 के बल्लेबाजी औसत के साथ 15921 रन बनाये जिसमे उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 246* रन था और वही उनके नाम 51 शतक और 68 अर्धशतक दर्ज है। गेदबाजी में उन्होंने 46 विकेट लिए. वही वनडे मैचों में सचिन ने 463 मैचों में 44.83 के बल्लेबाजी औसत के साथ 18426 रन बनाये जिसमे उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 200* रन था वही उनके नाम 49 शतक और 96 अर्धशतक दर्ज है.।उन्होंने वनडे मैचों में अपनी गेदबाजी से टीम के लिए 154 विकेट भी लिये।

सचिन तेंदुलकर को इनके चाहने वालों  ने कई नाम दिए हैं  जैसे, क्रिकेट के भगवान, लिटिल मास्टर , मास्टर ब्लास्टर , क्रिकेट का बादशाह आदि . सचिन तेंदुलकर ने भले ही क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया हो, लेकिन आज भी उन्हें लोग बहुत प्रेम करते हैं। उनके खेल को याद करते हैं और उनके खेल की चर्चा भी करते हैं। इनके द्वारा कई रिकॉर्ड को तोडा गया है और कई नए रिकॉर्ड बनाए गए हैं। सचिन की बराबरी आज तक कोई क्रिकेटर नही कर पाया है। ऐसे भारत रत्न पर सभी को बहुत गर्व है इन्होने देश को गौरवान्वित किया है कई मैच में भारत को विजयी घोषित किया है।

सचिन तेंदुलकर के रोचक तथ्य – Sachin Tendulkar’s Interesting Facts :

  1. सचिन को सोते में चलने और बोलने की आदत है। 
  2. पाकिस्तान में अपने पहले मैच में सचिन ने सुनील गावस्कर से मिले हुए Pad पहने। 
  3. सचिन बहुत ही दयालु है वे आनाथालय और मुंबई में चल रहे एनजीओ में प्रत्येक वर्ष 200 जरुरत मंद बच्चो की मदद करते है। 
  4. सचिन ने एक मैच में पाकिस्तान के लिए फील्डिंग की थी। १९८८ में प्रैक्टिस मैच में  में Brabourne Stadium में पाकिस्तान के लिए फील्डिंग की थी।
  5. ये भारत की राज्यसभा के सदस्य भी है . ये पहले ऐसे खिलाडी है जिन्हें सबसे कम उम्र में “भारत रत्न” से नवाजा गया है। 
  6. ये द्विहस्ती है अर्थात ये अपने दाहिने हाथ से बैट और बॉल का इस्तमाल करते हैं और अपने बाएँ हाथ से लिखने का कार्य करते हैं।  
  7. 2003 में इन्होने एक फिल्म में मेहमान भूमिका निभाई थी इस फिल्म का नाम “स्टम्प मेन” था। 2008 में लंदन के मेडम तुस्सांड्स के संग्रहालय में इनका वेक्स का पुतला बनया गया। 
  8. सचिन को स्मोकिंग करने की आदत नहीं है पर वे कभी कभी अल्कोहल का सेवन कर लेते है।
  9. सन्न 2005–2006 में सचिन के कंधे और एल्बो में तकलीफ थी, उन्हें इतना दर्द था की वे दर्द से नींद में से जाग जाया करते थे, उन्हें कई दवाइयाँ लेनी पड़ी थी। फिर भी उन्होंने अपना खेल जारी रखा दर्द से उनसे खेलने की तरकीब में थोडा परिवर्तन तो आया, लेकिन उन्होंने फिर भी बेहतर प्रदर्शन किया और क्रिकेट के इतिहास में 39 सेंचुरी बनाई और 4 डबल सेंचुरी बनाई और 89 अर्द्ध शतक बनाये।
  10. सचिन के जीवन पर आधारित एक फिल्म का निर्माण भी किया गया है इस फिम्ल का नाम है “ ए बिलीअन्स ड्रीम ” इस फिल्म के डायरेक्टर रिदम ट्रेक्टर है। इस मूवी में मुख्य भूमिका सचिन तेंदुलकर ने निभाई है।
  11. सचिन के जीवन पर आधारित कई किताबे लिखी गई है। 

सचिन तेन्दुलकर के पुरूस्कार और सम्मान – Sachin Tendulkar Awards & Achievements

  1. सन्न   1994        अर्जुन पुरस्कार, खेल में उनके उत्कृष्ट उपलब्धि के सम्मान में भारत सरकार द्वारा

  2. सन्न   1997-98   राजीव गांधी खेल रत्न, खेल में उपलब्धि के लिए दिए गए भारत के सर्वोच्च सम्मान
  3. सन्न   1999        पद्मश्री, भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार
  4. सन्न   2001        महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार
  5. सन्न   2008        पद्म विभूषण, भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार
  6. सन्न   2010        पीपल्स चॉइस अवार्ड
  7. सन्न   2012        विसडन इंडिया आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट अवार्ड
  8. सन्न   2013        भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

सचिन तेन्दुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड – Sachin Tendulkar’s World Record

  • मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ १०० वाँ शतक किया।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा ४९ शतक किये।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा (१८००० से अधिक) रन बनाये।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विश्व कप मुक़ाबलों में सबसे ज्यादा रन।
  • सचिन तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रनों का कीर्तिमान।
  • सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा (51) शतक
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ५ नवम्बर २००९ को १७५ रन की पारी मे एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में १७ हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने।
  • टेस्ट क्रिकेट १३००० रन बनने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच।
  • अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबलो में सबसे ज्यादा ३०००० रन बनाने का कीर्तिमान।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज।

सचिन तेंदुलकर की पसंदीदा चीजें – Sachin Tendulkar’s Favorite Things

फिल्म (Film)          :     शोले , कमिंग टू अमेरिका

एक्टर (Actor)         :    अमिताभ बच्चन, आमिर खान , नाना पाटेकर

एक्ट्रेस (Actress)     :     माधुरी दीक्षित

खेल (Sport)           :     क्रिकेट , लौन टेनिस

रंग (Color)             :    नीला

जगह (Destination)  :  न्यू ज़ीलैंड , मसुरी

पसंदीदा संगीतकार (Musicians)   :   सचिन देव बर्मन , बप्पी लहरी , दीरे स्ट्रेट्स

पसंदीदा गायक (Singar)               :  किशोर कुमार , लता मंगेशकर

गाना (Song)                                 :  बप्पी लहरी का “याद आ रहा है तेरा प्यार ”

रेस्टोरेंट (Restaurant)                    :  बुखारा , दिल्ली का मौर्य शेराटन

होटल (Hotel)                              :  सिडनी की पार्क रॉयल डार्लिंग

खाना (Food)                            :  बॉम्बे डक , क्रैब मसाला , कीमा पराठा , लस्सी , चिंगरी प्रवन्स 

                                                      मटन बिरयानी , मटन करी ,  बेगन भरता , सुशी

खिलाडी (Player)                         :  जोन मकएनरॉय और रॉजर फेडरर

पसंदीदा क्रिकेट मैदान (favourite Cricket Ground)  :   सिडनी

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